अविनाश मुथा
महाराष्ट्र में ठाणे जिले के कल्याण के प्रसिद्ध ज्वेलर, बिल्डर और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता प्रकाश मुथा के बेटे अविनाश मुथा ने सोमवार को एक मजदूर को अपनी कार से कुचल दिया। मजदूर की मौके पर ही मौत हो गयी। उल्हासनगर-1 पुलिस ने अविनाश मुथा को गिरफ्तार कर लिया है।
घटना सोमवार, 13 जुलाई 2026 की सुबह 9.20 बजे कमल लॉज के सामने, बिरला गेट, उल्हासनगर-1 में हुई। देवेंद्रसिंह रामचंद्र राजपूत (51) सिद्धिविनायक कॉलोनी, MIDC रोड, म्हारल गांव, कल्याण (पश्चिम) में रहते थे। वे उल्हासनगर में फर्नीचर की फैक्टरी में काम करते थे। मूलतः उत्तर प्रदेश के इटावा जिले के रहनेवाले देवेंद्रसिंह राजपूत का एक बेटा फ़ौज में है तो दूसरा बेटा संजयबाबू राजपूत उनके साथ रहकर मुंबई में नौकरी करता है। संजयबाबू राजपूत को एक्टिवा चलानी नहीं आती इसलिए देवेंद्रसिंह राजपूत रोज उसे शहाड रेलवे स्टेशन छोड़ने जाते थे और रात को लेने भी जाते थे। रोज़ाना की तरह देवेंद्रसिंह राजपूत संजयबाबू राजपूत को शहाड रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहे थे। वे सेंच्युरी रेयॉन कंपनी के सामने, कमल लॉज के पास पहुंचे थे कि पीछे से आ रहे अविनाश मुथा ने अपनी कार (एमएच 05 EJ 4041) से देवेंद्रसिंह राजपूत की एक्टिवा (MH05 DL 6085) को जोरदार ठोकर मार दी। देवेंद्रसिंह राजपूत का बैलेंस बिगड़ गया। वे अविनाश मुथा की कार के नीचे आ गए। अविनाश मुथा कार को देवेंद्रसिंह राजपूत की छाती पर चढ़ाता हुआ फरार हो गया।
अविनाश मुथा कार को महात्मा फुले चौक पुलिस स्टेशन के बाहर खड़ी कर फरार हो गया। बाद में पुलिस ने कार को जब्त कर लिया। CCTV फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों की निशानदेही पर पुलिस ने अविनाश मुथा को भी शाम को गिरफ्तार कर लिया। अविनाश मुथा के खिलाफ उल्हासनगर-1 पुलिस स्टेशन में BNS-2023 की धारा- 106(1), 281, 125(अ), सह मोटर वाहन अधिनियम-1988 की धारा 134(अ) और 184 के तहत FIR (नंबर-332/2026) की गयी है।
बताते हैं कि तत्काल नियुक्त जांच अधिकारी उप निरीक्षक डी. वी. माली की जांच प्रक्रिया (व्यवहार) से लोग संतुष्ट नहीं थे। देवेंद्रसिंह राजपूत के 30 से 40 परिचितों ने पुलिस उपायुक्त सचिन गोरे से डी. वी. माली की शिकायत की। सचिन गोरे ने डी. वी. माली को डांट लगायी और संभवतः जांच अधिकारी भी बदलने का आश्वासन दिया। फिर सचिन गोरे ने घटना और अविनाश मुथा की गिरफ़्तारी की जानकारी खुद पत्रकारों को दी।
संजयबाबू राजपूत का अभी भी सेन्ट्रल अस्पताल में इलाज चल रहा है। वह खतरे से बाहर है।
